भीम मनोहर
बरेली। दिल्ली सरकार ने यूपी सरकार के सरकारी स्कूलों पर कुछ समय पहले सवाल उठाए थे। तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि यूपी में एक ऐसा प्राथमिक विद्यालय भी बनेगा जो दिल्ली के सरकारी स्कूलों से 20 साबित होगा। लेकिन बरेली में ऐसा हुआ है। यहां के एक उद्योगपति शकील कुरेशी ने दिल्ली सरकार के चेलेंज को स्वीकार किया और किला थाना क्षेत्र के जसौली में स्थित एक पुराने विद्यालय में 3 करोड़ रुपये लगाकर एक ऐसा स्कूल बनाया जो आधुनिकता के दौड़ में हर तरह से पास है। विद्यालय के 24 क्लासों को प्रोजेक्टर से लैस किया गया है। साथी सभी क्लासों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। विद्यालय में बच्चों के खेलने के लिए 6 पार्क बनाये गए साथ स्कूल के पार्को को सुंदर बनाने के लिए अमेरिकन घास को लगाया गया है। बच्चों की सुरक्षा के लिए यहां सुरक्षा गार्ड का भी इंतजाम किया गया है। स्कूल में साफ सफाई के मकसद से आधुनिक टॉयलेट , मिड डे मिल के लिए अलग रसोई की व्यवस्था की है। स्कूल के डिस्प्ले के खासतौर का साइन बोर्ड लगाया जा रहा है। वही पढ़ाई की बात की जाए यहां 20 टीचरों को अपॉइंट किया जाएगा। स्कूल के सभी क्लास फुल एसी और डिजिटल होंगे। सभी वलास रूम में विषय पेंटिंग भी कराने के इंतजाम किए गए है। प्रधानाध्यापक का कक्ष भी किसी आलाधिकारी की तरह होगा।विद्यालय को देखकर आप यह महसूस कर सकते है कि यह स्कूल गरीब बच्चों के लिए 5 स्टार होटल जैसा ही होगा।फिलहाल विद्यालय का निर्माण अप्रैल माह के अंत मे पूरा होने की उम्मीद है।
क्या कहते है यहां के प्रधानाध्यापक :
जसौली प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरीश बाबू कहते है कि उनके स्कूल का निर्माण लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये की लागत से उद्योगपति शकील कुरेशी द्वारा बनवाया जा रहा है। विद्यालय के स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन के लोग बराबर नजर बनाए हुए है। उन्हें उम्मीद है उनका विद्यालय यूपी में रोल मॉडल साबित होगा।विद्यालय को देखने के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के साथ प्रदेश सरकार के विशेष सचिव भी आ चुके है |
जसौली स्कूल में अभिभावकों की लगने लगी लाइन
विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरीश बाबु बताते है कि विद्यालय में करीब 600 विद्यार्थी पढ़ते है। लेकिन इस बार यह संख्या काफी बड़ने वाली है। यहां निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक रोज स्कूल में अपने बच्चों के एडमिशन के लिए पहुंच रहे है।
जिले में कई विद्यालयों का हो चुका है कायाकल्प
बरेली में कई विद्यालयों का कायाकल्प योजना के अंतर्गत विकास हुआ है। माना जाता है कि डीएम नितीश कुमार की दूरदृष्टि के चलते यह संभव हुआ है। इसके बावजूद शहर के कुछ प्राथमिक स्कूलों की हालत दयनीय है।
(more update awaited )
गैलरी के द्वारा समझिए कैसे उद्योगपति शकील कुरेशी ने जसौली प्राथमिक विद्यालय को दी है एक नई दिशा।
