दरोगा महिला अधिवक्ता की परीक्षा में फेल , अब जाएगा जेल , जानिए पूरा मामला ,

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अधिवक्ता ने कोतवाली में आरोपी के खिलाफ नहीं की है शिकायत ,

 

बरेली : बेटियों  की पढ़ाई कितनी जरुरी है।  यह बात बरेली के वकील बेटी के मामले  में सही साबित हुई।  बेटी ने समझदारी दिखाते हुए फर्जी दरोगा को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।  महिला वकील के मुताबिक उसकी फर्जी दरोगा सत्यम से सोशल मीडिया पर मुलाकात हुई थी।  तब सत्यम ने बताया कि वह पुलिस विभाग में लखनऊ के हजरतगंज में दरोगा  के पद पर तैनात होने के साथ एक ब्राह्मण युवक है।  वह उससे शादी करना चाहता है। उसने वर्ष 2016 में पुलिस को ज्वाइन किया है। तब उसने सत्यम से कहा कि आप हमारे हमारे लिए अजनबी हो , इसलिए एक बार बरेली उसके घर आ जाओ। फिर उसके बाद तब हम आपके घर आते है। तब सत्यम ने बताया कि उसके मां बाप की मौत एक कार एक्सीडेंट में हो चुकी है। उसे उसके मामा ने पाला पोसा है। वह बड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने दरोगा बन पाया है। इसके बाद उसने सत्यम को बरेली आकर उसे देख जाने को कहा।

 

 

सत्यम आज सुबह करीब 8 बजे लखनऊ से अकाल तख्त एक्सप्रेस से बरेली पहुंचा। बरेली पहुंचने पर शक होने पर  उसने सत्यम से उसकी आईडी मांगी । वह खुद एक अधिवक्ता है। उसने सत्यम से पूछा कि आपको किसी केस की विवेचना मिलती है तो उसे कैसे किया जाता है , साथ ही उसने  पूछा धारा -61 – 64 क्या होती है। उसे भी नहीं बता पाया।  उसे यह भी नहीं पता था कैसे विवेचना और पत्ता काटा जाता है।  शक होने पर उसने अपने जानने वाले दरोगा जी सत्यम के आईकार्ड के साथ अन्य प्रूफों को भेजा और पूछा क्या यह यह दस्तावेज सही है।  बाद में उसके जानने वाले दरोगा पुलिस लाइन पहुंचे और सत्यम को भी बुलाया। उसने यह भी बताया कि पुलिस लाइन उसकी परिचित रेखा नाम की  एक दरोगा है वह  उनसे मिलने पुलिस लाइन  आया है।

सत्यम के पुलिस लाइन पहुंचने पर  उसके जानने वाले दरोगा जी ने  सत्यम से  3 /25 की पत्रावली कैसे बनाई जाती है। इसमें क्या लिखते हो , जब उसके परिचित दरोगा ने उसे पकड़ा तो यह वहां से भागने लगा। उस समय सत्यम पुलिस की प्रॉपर ड्रेस में था। उस समय उसने सत्यम से पूछा तुम्हे पुलिस की ड्रेस में आने की क्या जरुरत थी तब उसने जवाब दिया कि वह दरोगा है तो इसलिए वह दरोगा की ड्रेस में आया है। उसकी  सूचना पर कोतवाली पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

 

महिला अधिवक्ता ने बताया कि उसकी फर्जी दरोगा से मुलाकात फेसबुक पर हुई थी। दरोगा ने उसे बनारस का रहने वाला बताया था। लखनऊ के हजरतगंज में अपनी पोस्टिंग बताई थी। वह दो तीन दिन से एफबी के माध्यम से संपर्क में आई थी। फिलहाल उसने मामले की शिकायत पुलिस से नहीं की है। उसने केवल उसके बारे में पुलिस को सूचना दी थी।

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Author: newsvoxindia

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