बरेली:उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को सर्किट हाउस बरेली में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 (VB-G-RAM-G) से संबंधित आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत की। इस दौरान मेरठ में दलित बेटी के अपहरण और उसकी मां की हत्या के सवाल पर उन्होंने कड़ा और भावुक बयान दिया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिसने भी बेटी का अपहरण किया है, चाहे वह पाताल में ही क्यों न छिपा हो, उसे ढूंढ निकाला जाएगा, और जिसने उसकी मां की हत्या की है, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार की मंशा स्पष्ट की। मनरेगा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले काम तो होता था, लेकिन वास्तविक विकास नहीं दिखता था, जबकि VB-G-RAM-G योजना के तहत अब धरातल पर विकास नजर आएगा। उन्होंने कहा कि पहले किसी एक गांव का विकास होता था तो वही आगे बढ़ता रहता था, लेकिन अब पीछे छूटे गांवों और कमजोर श्रेणी वाले क्षेत्रों को बराबरी पर लाने का काम किया जाएगा।उन्होंने कांग्रेस की मनरेगा योजना पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा के नाम पर 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, लेकिन गांवों का अपेक्षित विकास नहीं हो सका।
उपमुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संसद में दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा कि पहले दिल्ली से भेजे गए एक रुपये में से लाभार्थी तक केवल 15 पैसे पहुंचते थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में पारदर्शिता है—जिसे एक रुपया मिलना है उसे पूरा एक रुपया और जिसे हजार रुपये मिलने हैं, उसे पूरे हजार रुपये मिलते हैं।उन्होंने कहा कि VB-G-RAM-G योजना तकनीक आधारित पारदर्शिता, जवाबदेही और टिकाऊ ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बनेगी।




