बरेली: बरेली पुलिस ने इंश्योरेंस के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना भुता पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो मोबाइल कॉल के जरिए लोगों को इंश्योरेंस बोनस और रिफंड का झांसा देकर ठगी करता था।

एसपी ग्रामीण अंशिका वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बरेली पुलिस ने साइबर फ्रॉड से जुड़े इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कुल 10 म्यूल खातों का इस्तेमाल करते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की रकम का ट्रांसफर किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बैंक खाते में मौजूद 10 लाख रुपये की राशि को फ्रिज कर दिया है।
पूछताछ में यह भी पता चला है कि जिन म्यूल खातों का इस्तेमाल किया गया, वे शाहजहांपुर, नोएडा, जयपुर और दिल्ली में खोले गए थे।पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे और “सर” व “मैम” कहकर बात करते हुए उन्हें भरोसे में ले लेते थे। इसके बाद इंश्योरेंस बोनस या पॉलिसी लाभ दिलाने के बहाने ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।
ठगी की रकम को अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में भेजकर बाद में निकाल लिया जाता था। आरोपी अपनी कथित कंपनी के नाम से फर्जी बिल भी तैयार करते थे।गिरफ्तार अभियुक्तों में मो. नबी (35) निवासी ग्राम केसरपुर थाना भुता, फरमान (42) निवासी ग्राम धन्तिया थाना फतेहगंज पश्चिमी, मो. अकरम (34) और आरिफ (36) निवासी ग्राम केसरपुर थाना भुता शामिल हैं। सभी आरोपी पहले जरी कारीगरी का काम करते थे और कक्षा 8वीं से 12वीं तक पढ़े-लिखे हैं, लेकिन लालच में आकर साइबर ठगी के गिरोह का हिस्सा बन गए।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹54,000 नकद, एक स्विफ्ट कार, सात मोबाइल फोन, एक टैबलेट, पांच एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, चार चालान स्लिप और एक विजिटिंग कार्ड बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ थाना भुता पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही




