बरेली। नाथ नगरी बरेली एक बार फिर उत्तराखंड की सांस्कृतिक रंगत में रंगने जा रही है। 30 वां तीन दिवसीय उत्तरायणी मेला 13, 14 और 15 जनवरी 2026 को बरेली क्लब मैदान में आयोजित किया जाएगा। मेले के पहले दिन 13 जनवरी को प्रातः 10 बजे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी विरेंद्रानंद जी महाराज के कर-कमलों से मेले का भव्य उद्घाटन होगा।

मेला प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक निःशुल्क प्रवेश के साथ आमजन के लिए खुला रहेगा।मीडिया प्रभारी रमेश शर्मा ने बताया कि उत्तरायणी मेला अब उत्तर भारत का नंबर-1 सांस्कृतिक मेला बन चुका है। इस वर्ष पहली बार मुख्य प्रायोजक के रूप में उत्तराखंड ताड़ीखेत (रानीसोत) से कृषक ऑर्गेनिक के संजीव बिष्ट जुड़े हैं, जिनके बद्री घी, सीयुकॉन और जंगली देशी शुद्ध शहद मेले के स्टॉल पर उपलब्ध रहेंगे।

मेले के शुभारंभ से पहले ही बरेली का माहौल पूरी तरह उत्तराखंडमय हो जाएगा। ढोल-नगाड़ों, मसकबीन, रणसिंघा की गूंज और छोलिया टीम के पारंपरिक नृत्य से मेला प्रांगण में उत्तराखंड की यादें ताजा हो उठेंगी।13 जनवरी को प्रातः 10 बजे माननीय महापौर उमेश गौतम कोतवाली से रंगयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
रंगयात्रा प्रभारी आनंद रतूड़ी ने बताया कि यह यात्रा अनेकता में एकता का संदेश देती हुई शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए लोक नृत्य, छोलिया नृत्य और बच्चों की झांकियों के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक दिखाएगी और बरेली मेला ग्राउंड पहुंचेगी।
मेले के दूसरे दिन उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा किया जाएगा, जबकि सायंकालीन दीप प्रज्वलन विधायक विशन सिंह चुफाल (डीडीहाट, पिथौरागढ़) करेंगे।
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तीसरे दिन मेले का उद्घाटन पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी एवं नैनीताल सांसद अजय भट्ट संयुक्त रूप से करेंगे।
उत्तरायणी मेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है। मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में आयोजित इस मेले में लोक नृत्य, लोक कथाएं, भजन संध्या, लघु उद्योगों के उत्पाद और पहाड़ के उभरते कलाकारों को मंच मिलेगा। लगभग 150 स्टालों पर पर्वतीय व्यंजन, गरम ऊनी वस्त्र और पारंपरिक उत्पाद लोगों को आकर्षित करेंगे।
सांस्कृतिक प्रभारी पूरन दानू ने बताया कि इस बार उत्तराखंड सरकार से पंजीकृत 6 सांस्कृतिक टीमें अपनी प्रस्तुतियां देंगी। सुप्रसिद्ध लोक कलाकार फौजी ललित मोहन जोशी, किशन महिपाल, रोहित चौहान, सूरज प्रकाश, हौरू जोशी, डॉ. लता तिवारी, माया उपाध्याय और संगीता सोनल की प्रस्तुतियां मेले की शान बढ़ाएंगी।
मेला प्रभारी चंदन नेगी, स्मारिका प्रभारी प्रकाश पाठक और सुरक्षा प्रभारी कैप्टन शेर सिंह अपनी-अपनी टीमों के साथ मेले को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने में जुटे हैं। कुल मिलाकर, उत्तरायणी मेला अब केवल पर्वतीय समाज का नहीं, बल्कि पूरे रुहेलखंड का सांस्कृतिक उत्सव बन चुका है, जहां तीन दिनों तक बरेली में उत्तराखंड की आत्मा साक्षात दिखाई देगी।




