बरेली।यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के देशव्यापी आवाहन पर बरेली में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए केनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय (पासपोर्ट कार्यालय के समीप, पीलीभीत बायपास रोड) के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मियों ने 5-दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की।
UFBU बरेली के जिला संयोजक नवींद्र कुमार ने कहा कि देशभर के बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी लंबे समय से 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की जायज़ मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 27 जनवरी 2026 को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल के तहत सभी सरकारी बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। यदि सरकार ने शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो UFBU अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि 18 माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार इस मांग पर मौन है, जबकि बैंक प्रबंधन एवं कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति बन चुकी है। ऐसे में इस मांग को लागू न करने का कोई औचित्य नहीं है।
सभा की अध्यक्षता कर रहे UFBU के उपाध्यक्ष संतोष तिवारी ने वित्त मंत्रालय के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना, उदासीन और मजदूर-विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर बैंक कर्मचारियों की जायज़ मांगों की अनदेखी कर रही है।
केनरा बैंक अधिकारी संघ की महिला मोर्चा की पदाधिकारी सुश्री रश्मि शर्मा ने बताया कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने लगभग दो वर्ष पूर्व ही 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की सिफारिश सरकार से कर दी थी। यह सिफारिश 7 दिसंबर 2023 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के बाद की गई थी। इस प्रस्ताव में सभी शनिवारों को अवकाश की मांग शामिल है, जिसे 8 मार्च 2024 को जारी अंतिम संयुक्त नोट में भी दोहराया गया।
उन्होंने बताया कि चीफ लेबर कमिश्नर, भारत सरकार की मौजूदगी में हुई ताज़ा वार्ता भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हुई, जिससे 27 जनवरी की हड़ताल तय हो गई है।यूपीबीईयू के अध्यक्ष श्री प्रवीण राठौर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अब भी सरकार नहीं चेती तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
सभा में आंचलिक सचिव विकास कुमार, इंडियन बैंक के आशीष शुक्ला, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुनीश बाबू, राहुल गौड़, राजेंद्र शर्मा, महेंद्र यादव, प्रेमपाल, अधिकारी संघ के गेंदन लाल, जोनल सचिव सुमित भटनागर, पंजाब नेशनल बैंक के अविनाश सहित अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया और आंदोलन को समर्थन दिया।
यह प्रदर्शन बैंक कर्मियों की एकजुटता, संकल्प और संघर्षशीलता का सशक्त उदाहरण रहा।



