बरेली:शहर में एक सपा नेता इन दिनों अनोखे अंदाज में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। पारंपरिक राजनीति से अलग हटकर उन्होंने रिपोर्टर की शैली अपनाई है और शहर की अव्यवस्थाओं को खुलकर सामने ला रहे हैं। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की धीमी रफ्तार से लेकर बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों तक, नेता जी लगातार जन समस्याओं को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उठा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि सपा नेता मयंक शुक्ला शहर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता ने उन्हें खास पहचान दिलाई है। लाखों फॉलोअर्स के बीच वह लगातार वीडियो और पोस्ट के जरिए शहर की समस्याओं को उजागर कर रहे हैं। उनकी इस पहल का असर यह है कि आम लोग भी अब सीधे उनसे जुड़कर अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं।
जनता के बीच उनकी बढ़ती पकड़ और अलग अंदाज की राजनीति को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर तेज है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नई शैली उन्हें युवाओं और आम जनता के बीच लोकप्रिय बना रही है, जिसका फायदा उन्हें आने वाले चुनाव में मिल सकता है।
सपा के पूर्व प्रवक्ता मयंक शुक्ला ने बताया कि सोशल मीडिया एक मजबूत माध्यम है इसके माध्यम से वह शहर की समस्याओं को जनता और अधिकारियों के सामने ला सकते है और वह वर्तमान में यही काम कर रहे है।परिवर्तन लाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा माध्यम चाहे कोई भी हो ।
बसपा में इन इन पदों पर निभाई जिम्मेदारी
मयंक शुक्ला बहुजन समाज पार्टी में ब्राह्मण भाईचारा के जिला अध्यक्ष बसपा की में बॉडी में जिला उपाध्यक्ष और भाईचारा कमेटी में मंडल प्रभारी के पद पर भी रहे हैं । वर्ष 2004 में अपने करियर की समाजवादी पार्टी में शुरुआत करने वाले मयंक शुक्ला 2007 में समाजवादी पार्टी के बरेली के नेताओं से मनमुटाव के कारण बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए थे। 2017 में जब भाजपा की 325 सीटों की सरकार बनी तो मयंक शुक्ला ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था।


