बरेली। नाथनगरी बरेली ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी प्रशासनिक दक्षता और विकास की तेज रफ्तार से पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2025 की समग्र जिला विकास श्रेणी में देश के 513 जिलों में से बरेली जिले को टॉप-40 में स्थान मिला है। यह उपलब्धि जिलाधिकारी अविनाश सिंह के नेतृत्व में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और सशक्त निगरानी व्यवस्था का परिणाम है।
बरेली का चयन स्क्रीनिंग स्तर पर किया गया है। उत्तर प्रदेश से केवल चार जिले—बरेली, हमीरपुर, हाथरस और संभल—इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बना सके हैं। जिले में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास, महिला-बाल कल्याण, रोजगार और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में धरातल पर हुए ठोस कार्यों की गूंज दिल्ली तक पहुंची है।
प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए जिले का मूल्यांकन 11 प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर किया गया है, जिनमें हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), आयुष्मान भारत, मिशन इंद्रधनुष, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शामिल हैं। बरेली में इन योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह की नियमित समीक्षा, फील्ड विजिट, तकनीक के प्रभावी उपयोग और जवाबदेही तय करने की कार्यशैली से जिले ने कई मोर्चों पर संतुलित प्रगति की है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, शहरी-ग्रामीण आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, स्ट्रीट वेंडरों का पुनर्वास, आंगनबाड़ी केंद्रों का सशक्तिकरण तथा किसानों और कारीगरों को आर्थिक संबल देने जैसे प्रयासों ने जिले की पहचान को और मजबूत किया है। पर्यटन के क्षेत्र में लीलौर झील सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी बरेली की नई पहचान बने हैं।
अब बरेली के सामने अगला और निर्णायक चरण है। 21 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष 15 मिनट का प्रस्तुतीकरण होगा। यदि इस चरण में बरेली सफल होता है, तो यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए सुशासन और विकास का राष्ट्रीय उदाहरण बनेगी।



