बरेली। जिले में आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। ड्रिल की शुरुआत कलक्ट्रेट से हुई, जहां से भूकंप आने की सूचना प्रसारित की गई।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीमों ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और राहत एवं बचाव कार्य का अभ्यास किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भूकंप और आगजनी जैसी आपदा की स्थिति में प्रशासनिक मशीनरी की तत्परता और समन्वय का परीक्षण करना था।

300 बेड कोविड हॉस्पिटल में आयोजित मॉक ड्रिल में विशेष परिस्थितियों का सामना करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। इस दौरान मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, आग बुझाने और घायल व्यक्तियों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराने की रिहर्सल की गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी बताया कि ऐसे अभ्यासों से चिकित्सा स्टाफ को आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की व्यावहारिक जानकारी मिलती है।
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मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ की टीम, अग्निशमन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सिविल डिफेंस के सदस्य और एनएनएसी के छात्र सक्रिय रूप से शामिल हुए। टीमों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य का प्रदर्शन किया। ड्रिल को वास्तविक स्थिति के करीब पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर अभ्यास किया गया।
अभ्यास के दौरान तहसीलदार समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि समय-समय पर ऐसे मॉक ड्रिल बेहद जरूरी हैं, क्योंकि इनसे विभिन्न विभागों के बीच तालमेल मजबूत होता है और आपदा की स्थिति में जनहानि को कम किया जा सकता है।
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