अनुज सक्सेना
बरेली। शहर के मोहल्ला बमनपुरी में चल रही 166वीं श्री रामलीला के छठे दिन फागुन पूर्णिमा पर भव्य राम बारात निकाली गई। एक दिन पहले मंचित सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ के बाद विवाह उत्सव के प्रतीक के रूप में निकली इस बारात में श्रद्धा, उत्साह और होली के रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला।

रामलीला अध्यक्ष राजू मिश्रा ने बताया कि बारात श्री नरसिंह मंदिर, ब्रह्मपुरी से सुबह करीब 11 बजे पूजा के बाद रवाना हुई। सजे हुए लकड़ी के रथ पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के स्वरूप विराजमान थे। बारात मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना, रोडवेज, बरेली कॉलेज, श्यामगंज, बड़ा बाजार और किला चौराहा सहित कई प्रमुख मार्गों से होकर वापस मंदिर पहुंची।

रास्ते भर श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर स्वागत किया। छतों से गुलाल और फूल बरसाए गए। रथ के आगे चल रहे ट्रैक्टर-ठेलों पर सवार हुरियारों ने पंप से रंगों की बौछार की। कई स्थानों पर लोगों ने रंग से भरे कड़ाहे रखकर हुरियारों से मजेदार “मोर्चा” लिया। बैंड-बाजा और होली गीतों पर लोग झूमते नजर आए।
प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि चंद्र ग्रहण के कारण श्री नरसिंह भगवान की शोभायात्रा अब बुधवार को निकलेगी।
यह रामलीला वर्ष 1861 से लगातार हो रही है। 2008 में UNESCO ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल किया। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग हर वर्ष इसके लिए आर्थिक सहयोग भी देता है। सुरक्षा के लिए पुलिस बल और पीएसी तैनात रहे तथा ड्रोन से निगरानी की गई।



