बरेली। 18 फरवरी को अगर आसमान में रमज़ान का चाँद नजर आ गया तो शहर की सभी प्रमुख दरगाहों, खानकाहों और मस्जिदों में उसी रात से नमाज़-ए-तरावीह शुरू हो जाएगी। अगर 18 फरवरी को चाँद नजर नहीं आया तो 19 फरवरी से तरावीह अदा की जाएगी।
रमज़ान को लेकर शहर की मस्जिदों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नमाज़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग मस्जिदों में कुरान मुकम्मल करने की तारीखें तय कर दी गई हैं। कारोबारियों की सहूलियत के लिए कुछ मस्जिदों में दो शिफ्टों में तरावीह का इंतज़ाम भी किया गया है।
दरगाह आला हज़रत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि कुरान मुकम्मल करने का सिलसिला 6 रमज़ान से 27 रमज़ान तक चलेगा।सबसे पहले पुराना शहर, बालजती स्कूल के पास गुरुड़ वाली मस्जिद में 6 रोज़े को कुरान मुकम्मल होगा।
8 रोज़े को खन्नू मोहल्ले की मस्जिद अबू बक्र में।
10 रोज़े को सिटी सब्ज़ी मंडी की एक मीनार मस्जिद में।
11 रोज़े को खानकाह-ए-वामिकिया में।
14 रोज़े को सैलानी की ताड़ वाली मस्जिद में।
21 रोज़े को सैलानी की हबीबिया मस्जिद में।
22 रोज़े को आज़म नगर की जामुन वाली मस्जिद (पहली शिफ्ट) में।
जामुन वाली मस्जिद में दूसरी शिफ्ट रात 10 बजे से शुरू होगी, जिसका कुरान 14 रोज़े को मुकम्मल होगा।
26 रोज़े को दरगाह आला हज़रत स्थित रज़ा मस्जिद, दरगाह शाहदाना वली, किला की शाही जामा मस्जिद और जसोली की पीराशाह मस्जिद सहित कई मस्जिदों में कुरान मुकम्मल होगा।
सबसे आखिर में 27 रोज़े को बाजार संदल खान स्थित दरगाह वली मियां में कुरान मुकम्मल किया जाएगा।
रमज़ान के पाक महीने को लेकर शहर में खासा उत्साह है और मस्जिदों में नमाज़ियों की सुविधा के पूरे इंतज़ाम किए गए



