बरेली (शेरगढ़)। कस्बे की मुख्य सड़क से अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर पंचायत की टीम की कार्रवाई उस समय विवाद में बदल गई, जब कुछ दुकानदारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। आरोप है कि इस दौरान अधिशासी अधिकारी और नगर पंचायत कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

स्थानीय जानकारी के अनुसार, मुख्य मार्ग पर लंबे समय से दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के चलते फुटपाथ पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था। इसे लेकर नगर पंचायत द्वारा पूर्व में मुनादी कराकर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया था और दुकानदारों को स्वयं कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे।
बुधवार को अधिशासी अधिकारी दुर्गेश कुमार नगर पंचायत की टीम और कर्मचारियों के साथ टंकी चौराहे से मेन चौराहे तक अतिक्रमण हटाने पहुंचे। इसी दौरान एक दुकानदार द्वारा कार्रवाई का विरोध किया गया, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद ने जल्द ही उग्र रूप ले लिया और दोनों ओर से हाथापाई होने लगी, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
अधिशासी अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि वे नगर पंचायत टीम की शिकायतों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान दुकानदार शेखर गुप्ता और उनके परिजनों से विवाद हुआ, जिसमें उनके साथ-साथ अतिक्रमण हटाने गई टीम के कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई लोगों को नामजद करते हुए थाने में तहरीर दी गई है और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। मामले में दोनों ओर से शिकायत दी गई है। समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।
इधर, घटना से नाराज नगर पंचायत कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए कहा है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे कार्य बहिष्कार और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



