बरेली। अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ऑल इंडिया जमात के प्रमुख मौलाना शाहबुद्दीन ने एक सार्वजनिक बयान जारी किया है। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित टकराव की आशंका जताते हुए भारत के प्रधानमंत्री से प्रस्तावित इसराइल यात्रा पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
मौलाना शाहबुद्दीन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां संवेदनशील हैं और पश्चिम एशिया में हालात लगातार बदल रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे समय में किसी भी कूटनीतिक कदम को उठाने से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि वे देश के सुन्नी और शिया समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह अपील कर रहे हैं।
मौलाना ने आरोप लगाया कि इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यकाल में गाजा में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है, जिसमें महिलाओं और बच्चों की भी जान गई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतन्याहू को लेकर कानूनी विवाद और भ्रष्टाचार के मामले चर्चा में रहे हैं।
मौलाना शाहबुद्दीन ने कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। उनके अनुसार, भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंध रहे हैं और बड़ी संख्या में भारतीय मुसलमानों की भावनाएं भी इस मुद्दे से जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने लंबे समय से अरब देशों के साथ संतुलित और सकारात्मक संबंध बनाए हैं तथा फिलिस्तीन के समर्थन की नीति भी समय-समय पर व्यक्त की है। ऐसे में इसराइल यात्रा पर दोबारा विचार करना वर्तमान परिस्थितियों में उचित कदम हो सकता है।



