बरेली के बमनपुरी में चल रही 166वीं रामलीला के छठे दिन शुक्रवार को अहिल्या उद्धार और जनकपुरी प्रवेश की लीला प्रस्तुत की गई। मंचन के दौरान गुरु व्यास मुनेश्वर ने प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि ऋषियों का यज्ञ पूर्ण कराने के बाद गुरु विश्वामित्र, राम और लक्ष्मण के साथ आगे बढ़ते हैं। मार्ग में उन्हें पत्थर बनी अहिल्या मिलती हैं, जिनका श्रीराम स्पर्श कर उद्धार करते हैं।
इसके बाद राजा जनक के निमंत्रण पर गुरु विश्वामित्र दोनों राजकुमारों को जनकपुर लेकर पहुंचते हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया जाता है। राम और लक्ष्मण नगर की सुंदरता देखते हुए भ्रमण करते हैं। सरोवर, बाग-बगीचे और सजे बाजारों का दृश्य दर्शकों को भावुक कर देता है।

इसी दौरान पुष्प वाटिका में गुरु पूजन के लिए फूल लेने पहुंचे राम का जनकनंदिनी सीता से प्रथम दर्शन होता है। माता की आज्ञा से गिरिजा पूजन के लिए आईं सीता और राम एक-दूसरे को देखकर भावविभोर हो जाते हैं। यह दृश्य देख दर्शक भी मंत्रमुग्ध हो उठे।
कार्यक्रम की शुरुआत पदाधिकारियों ने आरती के साथ की। महामंत्री सुनील रस्तोगी ने बताया कि अगले मंचन में शिव धनुष भंजन और परशुराम संवाद दिखाया जाएगा, जबकि सोमवार को भव्य राम बारात निकाली जाएगी।



