बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र के जोगीनवादा में अधिवक्ता और उनके परिजनों पर गोली चलाने आरोपियों में शामिल अमित राठौर पुलिस हिरासत से फरार हो गया। पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उसे मंगलवार रात अमित को गिरफ्तार किया था। रुहेलखंड चौकी से फरार होने के बाद बुधवार को उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। एसएसपी अनुराग आर्य ने लापरवाही के आरोप में रुहेलखंड चौकी इंचार्ज और एक सिपाही को निलंबित कर दिया।
बरेली के मोहल्ला जोगीनवादा की रहने वाली अधिवक्ता रीना सिंह ने आरोप लगाया था कि वहीं के सौरभ राठौर समेत अन्य लोगों से उनकी रंजिश चल रही है। उनके पति लखन सिंह 9 दिसंबर 2024 की शाम स्कूटी से घर आ रहे थे। इस पर आरोपियों ने उन्हें रोककर गोली चलानी शुरू कर दी। बीच बचाव में आए लखन के भाई सूरजभान, प्रेमपाल और दरबारी लाल पर भी हमला किया।
लाठी-डंडों और नाजायज असलहों से हमले में सूरजभान व लखन के पैर और प्रेमपाल के पेट में गोली लगी। दरबारी लाल के एक पैर में फ्रैक्चर हो गया। रीना पहुंची तो उनके साथ भी मारपीट कर फायरिंग की गई। अधिवक्ता रीना की तहरीर पर जोगीनवादा निवासी सौरभ राठौर, उसके भाई टिंकू राठौर, रजत राठौर, शिवम राठौर, आकाश राठौर, विशाल, हिमालय राठौर, अमित राठौर, लालू पटेल, अभिषेक तमंचा, गोपाल मिश्रा समेत कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
बारादरी पुलिस ने इस मामले में 07 आरोपियों के खिलाफ मंगलवार रात गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अमित राठौर को गिरफ्तार करके रुहेलखंड पुलिस चौकी की हवालात में बंद किया था। जहां से आरोपी देर रात चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस उसे दोबारा गिरफ्तार करती इससे पहले बुधवार को उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस मामले में एसएसपी ने रुहेलखंड चौकी इंचार्ज जगत सिंह और सिपाही सचिन को निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक पुलिस हिरासत से आरोपी के फरार होने के मामले में रुहेलखंड चौकी इंचार्ज जगत सिंह और सिपाही सचिन को निलंबित किया गया है। साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




