बरेली। शहर के मलूकपुर बजरिया और आसपास के इलाकों में बारिश के बाद जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महज करीब 40 मिनट की बारिश के बाद मलूकपुर नाले की सड़क समेत दरगाह आला हजरत मोड़, सौदागरान और आसपास के इलाकों में पानी भर गया। वहीं, मलूकपुर से जसौली तक बनी सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा अधूरा छोड़े जाने से समस्या और गंभीर हो गई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क का अधूरा हिस्सा निचला होने के कारण हल्की बारिश में भी पानी जमा हो जाता है। बारिश रुकने के कई घंटे बाद तक पानी की निकासी नहीं होने से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। जलभराव के कारण कई बार लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
गुरुवार को बारिश के दौरान दरगाह क्षेत्र और मलूकपुर बजरिया में सड़कें पानी में डूब गईं। दरगाह आने वाले जायरीनों को भी जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा। स्थानीय दुकानदार यासीन रजा शेखू ने बताया कि बारिश के बाद जलभराव से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी होती है। गुरुवार को दरगाह पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद आते हैं, ऐसे में पानी भरने से उनकी दिक्कत बढ़ जाती है।
जनसेवा टीम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी पम्मी खां वारसी ने नगर निगम प्रशासन से मलूकपुर और आसपास के मोहल्लों में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बारिश समाप्त होने के बाद अधूरी सड़क के करीब 100 मीटर हिस्से का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, ताकि लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।




