बरेली। प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली के पालन को लेकर बरेली प्रशासन ने कार्रवाई की है। सहायक निदेशक मत्स्य बरेली और उप जिलाधिकारी मीरगंज के नेतृत्व में मत्स्य विभाग एवं तहसील की संयुक्त टीम ने ग्राम रैया नगला में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक तालाब में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली का पालन किए जाने का मामला सामने आया।

जांच के दौरान चांद बाबू के करीब 2.5 बीघा क्षेत्रफल के तालाब में लगभग दो क्विंटल थाई मांगुर मछली मिली। मछलियों का वजन करीब 250 से 300 ग्राम बताया गया। प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर ही मछलियों का विनिष्टीकरण कराया गया।
प्रशासन ने मत्स्य पालक को चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा प्रतिबंधित थाई मांगुर का पालन करते पाए जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने जिले के लोगों से भी अपील की है कि थाई मांगुर मछली का पालन, बिक्री, परिवहन और सेवन न करें।
थाई मांगुर को अफ्रीकन कैटफिश (Clarias gariepinus) भी कहा जाता है। यह आक्रामक और मांसाहारी प्रजाति है, जो स्थानीय मछलियों और जलीय जीवों के लिए खतरा मानी जाती है। इसी वजह से भारत में इसके पालन पर प्रतिबंध है। प्रशासन ने मछली पालकों को प्रतिबंधित प्रजातियों के पालन से बचने और नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।




