बरेली। आंवला में मंगलवार शाम हुई मूसलाधार बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मोहल्ला खेड़ा निवासी नंदराम का 8 वर्षीय बेटा प्रीत तेज बहाव वाले नाले में बह गया। मासूम को बचाने के लिए पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ और सैकड़ों स्थानीय लोग पिछले पांच घंटे से लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। पूरे शहर की निगाहें इस अभियान पर टिकी हैं और हर कोई बच्चे के सकुशल मिलने की दुआ कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रीत घर के पास बारिश के दौरान नाले के किनारे नहा रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बह गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चे की तलाश शुरू की और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी, नगर पालिका अध्यक्ष सैय्यद आविद अली, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
एक मासूम की जिंदगी बचाने के लिए हजारों हाथ एक साथ जुटे हैं। पिछले करीब पांच घंटे से लगातार पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोग नाले के किनारे हर संभावित स्थान पर तलाश कर रहे हैं। इस बीच एनडीआरएफ की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। तेज बहाव और लगातार हो रही बारिश के बावजूद रेस्क्यू टीमें अभियान में पूरी ताकत से जुटी हुई हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष सैय्यद आविद अली भी अधिकारियों के साथ मौके पर डटे हुए हैं और पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बच्चे की बरामदगी या उसके संबंध में कोई ठोस सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹25 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से नाले के किनारे सुरक्षा दीवार, रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यह नाला जानलेवा बन जाता है, लेकिन अब तक पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं तथा छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। समाचार लिखे जाने तक मासूम प्रीत की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी था।



