बरेली। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में शामिल होकर लौट रहे छात्र आयुष रंजन के साथ कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को बरेली पहुंचे पीड़ित छात्र आयुष रंजन का समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस दौरान सपा नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

पीड़ित छात्र आयुष रंजन, जो फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक कस्बे के निवासी हैं,। आयुष का आरोप है कि जंतर-मंतर से प्रदर्शन कर लौटते समय गाजियाबाद के भाजपा नेता सत्यम पंडित और उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
आयुष रंजन ने आरोपी सत्यम पंडित सहित उसके आठ साथियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
स्वागत कार्यक्रम में सपा नेता इंजीनियर अनीस अहमद ने कहा कि छात्रों के साथ इस तरह की घटना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सपा नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर छात्रों के प्रति समर्थन जताया था। सपा नेताओं ने केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।


