बरेली। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को बरेली दौरे के दौरान दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर कार्रवाई नहीं की जाती, लेकिन यदि कोई आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने, पुलिस पर हमला करने या सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दिल्ली में हुई घटनाओं से जुड़े वीडियो सार्वजनिक हैं। उनका आरोप था कि छात्र आंदोलन के बीच कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल हो गए और पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे का निर्णय प्रधानमंत्री के स्तर पर लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और सरकार सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है।
उपमुख्यमंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार सरकार गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में विकास योजनाओं को गति देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने कार्यकाल की नीतियों पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार के लिए लगातार कदम उठा रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के आधार पर भारतीय जनता पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में फिर से पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।



