बरेली। महंगाई और महिला सुरक्षा के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी महिला सभा की कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी के बीच महिलाओं ने चूल्हा जलाकर सांकेतिक प्रदर्शन किया और दावा किया कि बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और बिजली की बढ़ती लागत का बोझ सीधे आम नागरिकों पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि महंगाई के कारण घरेलू खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे मजदूर, कर्मचारी, छोटे कारोबारी और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

महिला सभा की पदाधिकारियों ने प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ बढ़ रही घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, ताकि बेटियां और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
प्रदर्शन के उपरांत राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक चार सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी, व्यावसायिक उपयोग के सिलेंडरों को सस्ता करने, पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत देने और महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
महिला सभा की नेताओं ने कहा कि महंगाई और महिला सुरक्षा दोनों ही सीधे जनता से जुड़े मुद्दे हैं। यदि इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
समाजवादी पार्टी महिला सभा की महानगर उपाध्यक्ष सैमुयुन खान ने इस मौके पर कहा कि जिस रफ्तार से महंगाई बढ़ रही है, उसे देखकर लगता है कि लोगों को फिर से चूल्हे पर खाना बनाने के दिन याद करने पड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं, जबकि आम आदमी की आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं और लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार को महंगाई और बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, लेकिन इन सवालों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों और जुमलेबाजी का सहारा लिया जा रहा है।



