बरेली। भोजीपुरा थाना परिसर में मंगलवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों को कुछ पल के लिए ठहरने पर मजबूर कर दिया। अवैध जुए के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह लोगों के साथ जब पुलिस 7 लड़ाकू मुर्गों को भी थाने लेकर पहुंची, तो बेजुबान पक्षी अपने मालिकों से अलग होने के बजाय उनके आसपास ही मंडराते रहे। कई बार वे उनके पैरों के पास जाकर खड़े हो गए, जिससे यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

पुलिस ने सेंदपुर एरोला गांव के पास एक बाग में छापेमारी कर उन लोगों को पकड़ा था, जो मुर्गों की लड़ाई के जरिए हार-जीत पर रुपये की बाजी लगा रहे थे। कार्रवाई के दौरान छह लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ अन्य लोग मौके से निकलने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से 7 लड़ाकू मुर्गे और नकदी भी बरामद की।थाने में जब आरोपियों को बैठाया गया तो मुर्गे भी उनके करीब ही बने रहे। यह देखकर कई लोगों ने कहा कि बेजुबान जानवरों को यह अहसास नहीं होता कि उन्हें किस मकसद से इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इंसान अपने हर कदम की जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गों की लड़ाई को मनोरंजन का साधन मानकर कई बार उस पर दांव भी लगाया जाता है, लेकिन कानून की नजर में यह अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पशुओं का इस्तेमाल भी पशु क्रूरता से जुड़ा विषय माना जाता है।
थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि मुर्गों की लड़ाई कराकर जुआ खेलने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।



