अनुज सक्सेना
बरेली। लखीमपुर खीरी के भीरा वन क्षेत्र में 25 हिमालयन गिद्धों की मौत का मामला अब बेहद गंभीर बन गया है। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर की जांच में सामने आया है कि गिद्धों की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। इस घटना ने वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

बताया जा रहा है कि यह घटना 7 अप्रैल की है। भीरा रेंज के ग्राम सेमरिया के एक किसान ने वन विभाग को सूचना दी थी कि उसके खेत में 3-4 आवारा कुत्तों के शव पड़े हैं और उन पर बड़ी संख्या में गिद्ध बैठे हुए हैं। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी मौके पर पहुंचे तो वहां करीब 25 हिमालयन गिद्ध मृत मिले, जबकि पांच गिद्ध बेहोशी की हालत में तड़प रहे थे।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत कुमार सिंह बिजुआ ने तुरंत बेहोश गिद्धों का उपचार शुरू कराया। वहीं मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए मृत गिद्धों का पोस्टमार्टम कराया गया और उनका विसरा जांच के लिए आईवीआरआई, इज्जतनगर भेजा गया।
जांच के दौरान आईवीआरआई को दो हिमालयन गिद्धों के शव, दो गिद्धों का विसरा, एक कुत्ते का विसरा और कुछ संदिग्ध चावल मिले थे। वैज्ञानिकों ने पोस्टमार्टम और लैब जांच में गिद्धों, कुत्ते और चावलों में जहरीले तत्व होने की पुष्टि की है।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि किसी व्यक्ति ने कुत्तों को जहरीला खाना खिलाया था। बाद में उन्हीं कुत्तों के शव खाने से गिद्धों की मौत हो गई। आईवीआरआई ने अपनी रिपोर्ट वन विभाग को भेज दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक हिमालयन गिद्ध पहले से ही संकटग्रस्त प्रजाति में शामिल हैं, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में उनकी मौत वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही है।



