बरेली। सेंथल क्षेत्र में आयोजित ताजियती जलसे में ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने वैश्विक हालात पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई देशों के लगातार हमलों और अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल के बावजूद ईरान को झुकाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि अगर खुदा की मर्जी न हो तो कोई भी ताकत सफल नहीं हो सकती।
कार्यक्रम की शुरुआत जामा मेहंदीया से हुई, जहां छोटी बच्चियों ने गुलाब के फूल भेंट कर डॉ. इलाही का स्वागत किया। इसके बाद वह हजारों लोगों की मौजूदगी में इमामबाड़ा जुल्फिकार हसनैन पहुंचे और ईरान के शहीदों की याद में आयोजित ताजियती जलसे को संबोधित किया।

अपने संबोधन में डॉ. इलाही ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक चले हमलों में इंसानियत और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी की गई तथा महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि हमलावर ईरान की आस्था और जज़्बे को समझने में नाकाम रहे।
जलसे में मौलाना कमर हसनैन ने भी विचार रखते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद सच्चाई की ही जीत होती है और ईरान ने यह साबित कर दिया है कि मजबूती और ईमानदारी से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
वहीं डॉ. इलाही बरेली किला स्थित काला इमामबाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने सालाना मजालिस में शिरकत की। इस दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों की मौजूदगी देखने को मिली। उन्होंने भारत को अमन पसंद देश बताते हुए यहां के लोगों के प्रति आभार जताया और ईरान में हमलों के दौरान शहीद हुए लोगों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
इस अवसर पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रवक्ता डॉ. अनवर रज़ा कादरी ने बताया कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए डॉ. इलाही दिल्ली से आए थे। कार्यक्रम के बाद मौलाना समर हैदर आबिदी के निवास पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी से उनकी मुलाकात हुई, जहां मुस्लिम समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि भारत की जनता ईरान के साथ खड़ी है और हालिया हमलों में मारे गए लोगों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त करती है। वहीं डॉ. इलाही ने भारत-ईरान संबंधों को मजबूत करने की बात कही और भारतीय जनता का आभार जतायाउन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में जिहाद के नाम पर सक्रिय कई संगठनों के पीछे विदेशी एजेंसियों की भूमिका होने का दावा किया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।



