बरेली। रामपुर में अधिवक्ता फारुख की दिनदहाड़े हत्या से प्रदेश भर का वकील समाज उबल पड़ा है। इस वारदात ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि न्याय की रक्षा करने वालों की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता पैदा कर दी है। इसी आक्रोश के चलते बरेली में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल वकीलों का कहना था कि केंद्र और प्रदेश में एक ही दल की सरकार होने के बावजूद अधिवक्ताओं पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कचहरी परिसरों तक में असामाजिक तत्वों का बेखौफ होकर घुस आना बेहद गंभीर और खतरनाक संकेत है। वकीलों ने इसे सीधे तौर पर न्याय व्यवस्था पर हमला बताया।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता मध्यम ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जब सत्ता के सभी स्तर एक ही दल के हाथ में हैं, तब भी वकील सुरक्षित नहीं हैं।
उन्होंने चेताया कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो न्याय व्यवस्था कमजोर होगी, जिसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ेगा। उनका कहना था कि काला कोट सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज और संविधान की ढाल है।
बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ता फारुख की हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कठोरतम सजा देने की मांग की गई।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने प्रदेश में जल्द से जल्द एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। वकीलों का कहना था कि जब तक अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक न्याय पर आम जनता का भरोसा भी कमजोर होता जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा।



