बरेली। जिन दीवारों को मजदूरी की कमाई से खड़ा किया, जिन छतों के नीचे बच्चों का बचपन बीता, आज वही आशियाने उजड़ने के खतरे में हैं। बिथरीचैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चंदपुर बिचपुरी डोरिया के दर्जनों परिवार इन दिनों अपने घर बचाने की जद्दोजहद में प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं। बुलडोजर की आशंका ने पूरे गांव में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
एडवोकेट अच्छन अंसारी के नेतृत्व में ग्रामीण जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वे मजदूर और गरीब वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। लगभग 25 वर्ष पहले उन्होंने गांव के ही सुखलाल आदि से जमीन खरीदकर अपने छोटे-छोटे मकान बनाए थे और तभी से परिवार सहित वहीं निवास कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार 4 अप्रैल 2025 को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 26 के तहत नोटिस जारी किया गया। इसके विरोध में 21 अप्रैल 2025 को लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
आरोप है कि बीडीए के अधिकारी मकान खाली करने का दबाव बना रहे हैं और बुलडोजर चलाने की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनके घर तोड़े गए तो वे पूरी तरह बेघर हो जाएंगे, क्योंकि उनके पास न तो कोई वैकल्पिक आवास है और न ही दूसरी जमीन।
ग्रामीणों ने खसरा संख्या 60, 61, 62, 63, 64 और 75 पर बने मकानों को ध्वस्तीकरण से बचाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जाबिर, हरप्रसाद, सालिक राम, वेदपाल, प्रेमपाल, इरशाद अली, सलीम, मोहिनी और शकील सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन उनकी दशकों पुरानी बसावट और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मानवीय आधार पर निर्णय ले, ताकि उनके सिर से छत न छिने।



