बरेली।उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा पेश किए गए 9 लाख 12 हजार 696.35 करोड़ रुपये के बजट पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस का कहना है कि यह बजट आम लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने में नाकाम है और केवल बड़ी-बड़ी घोषणाओं व आंकड़ों तक सीमित है। पार्टी नेताओं ने इसे जनविरोधी करार देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष असफाक सकलैनी ने कहा कि सरकार ने बजट का आकार बड़ा दिखाने की कोशिश जरूर की है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसका लाभ जनता को मिलता नजर नहीं आ रहा। उन्होंने मांग की कि सरकार पहले यह स्पष्ट करे कि पिछले बजटों में की गई घोषणाओं का क्या परिणाम निकला।
सकलैनी ने आरोप लगाया कि शिक्षामित्रों के लिए इस बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं है, जबकि वे लंबे समय से सम्मानजनक मानदेय और स्थायित्व की मांग कर रहे हैं।किसानों की समस्याओं पर भी बजट को उन्होंने अपर्याप्त बताया और कहा कि खेती की बढ़ती लागत, खाद-बीज की महंगाई और फसलों के उचित दाम जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. केवी त्रिपाठी ने कहा कि चुनावी वर्ष में जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार उन पर खरा उतरने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी विषयों पर कोई ठोस दिशा दिखाई नहीं देती।
कांग्रेस प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने आरोप लगाया कि योजनाओं के नाम पर धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है और इस बजट से आम आदमी, मजदूर, युवा और कर्मचारी वर्ग को कोई सीधी राहत नहीं मिलने वाली।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव चौधरी असलम मियां ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग को निराश करने वाला है। उनके अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे अहम क्षेत्रों को केवल औपचारिकता तक सीमित रखा गया है।
कांग्रेस नेताओं ने बरेली की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले से कई जनप्रतिनिधि होने के बावजूद विकास के लिए कोई ठोस योजना सामने नहीं आई।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस बजट का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी और जनता से जुड़े मुद्दों को हर मंच पर उठाएगी।



