बरेली। शाहजहांपुर–बरेली मार्ग पर घने कोहरे ने रविवार सुबह बड़ा हादसा करा दिया। विजिबिलिटी शून्य होने के चलते फरीदपुर कस्बे के पास द्वारकेश शुगर मिल के नजदीक कई वाहन एक के बाद एक आपस में टकरा गए। इस भीषण दुर्घटना में तीन रोडवेज बसों, एक डीसीएम और दो कारों सहित कुल 13 वाहन शामिल बताए जा रहे हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

जानकारी के अनुसार, सबसे पहले एक रोडवेज बस ने डीसीएम में पीछे से टक्कर मार दी। इसी दौरान पीछे से आ रही दूसरी रोडवेज बस ने दिल्ली की ओर जा रही रोडवेज बस को टक्कर मार दी। इसके बाद पीछे से आ रहे अन्य वाहन भी नियंत्रण खो बैठे और आपस में भिड़ते चले गए। हादसे में रोडवेज बस, डीसीएम और अन्य वाहन आपस में फंसकर कुचल गए।

दुर्घटना में सोहराब गेट डिपो के रोडवेज चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के दौरान स्टेयरिंग उनके सीने में घुस गई, जिससे उनकी हालत नाजुक हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके अलावा हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि छह लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराये जाने की खबरें है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर काफी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू कराया गया। फरीदपुर इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि घने कोहरे के कारण सड़क के दोनों ओर से वाहनों की आपसी टक्कर हुई है। घटना में एक व्यक्ति की मौत, दो गंभीर घायल और अन्य को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
कोहरे को लेकर दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की चिंता
दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने अपने जीवनकाल में बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना था कि कोहरा और स्मॉग केवल मौसम की समस्या नहीं हैं, बल्कि यह मानव जीवन और सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। डॉ. कलाम का मानना था कि वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार अपनाकर ही ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने खराब मौसम में विशेष सावधानी, संयम और तकनीक के सही उपयोग पर जोर दिया था, ताकि अनमोल जीवन की रक्षा हो सके।




