बरेली। फरीदपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक एवं रुहेलखंड विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार को हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

सरल, सौम्य और शिक्षाविद् छवि के नेता के रूप में पहचान रखने वाले डॉ. श्याम बिहारी लाल के असामयिक निधन को बरेली जनपद के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर डॉ. श्याम बिहारी लाल बरेली स्थित सर्किट हाउस में मौजूद थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। मौके पर मौजूद अधिकारियों और सहयोगियों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल उन्हें शहर के मेडिसिटी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पशुधन मंत्री की बैठक के दौरान बिगड़ी तबीयत
बताया जा रहा है कि सर्किट हाउस में उस समय पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की एसआईआर को लेकर बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान ही डॉ. श्याम बिहारी लाल को असहनीय सीने में दर्द उठा। हालत गंभीर होते देख अधिकारियों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
डॉ. श्याम बिहारी लाल दो बार फरीदपुर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे। शिक्षा और राजनीति के समन्वय का उदाहरण माने जाने वाले डॉ. श्याम बिहारी लाल को जनसेवा के प्रति समर्पित नेता के रूप में याद किया जाता है। उनके निधन से फरीदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बरेली जनपद में शोक का माहौल है।
वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना पहुंचे आवास, जताया शोक
डॉ. श्याम बिहारी लाल के निधन की सूचना मिलते ही प्रदेश के वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना उनके आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्याम बिहारी लाल का जाना भाजपा संगठन, शिक्षा जगत और जनसेवा के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में शुभचिंतकों का अस्पताल और सर्किट हाउस में जमावड़ा लग गया। सभी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र, कर्मठ और जनप्रिय नेता बताया।




