राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया, केंद्र सरकार से कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग
अवधेश कुमार
बरेली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों और देश के भीतर बढ़ती हिंसक घटनाओं के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति महोदय को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से इस संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर ठोस व प्रभावी कूटनीतिक हस्तक्षेप करने की मांग की है।

सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और वहां लगातार हिंसा व उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार आधिकारिक स्तर पर बांग्लादेश सरकार से बातचीत कर वहां रह रहे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए।
ज्ञापन में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी बेटी को भारत में संरक्षण दिए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। सपा नेताओं ने मांग की कि यदि वे भारत में रह रही हैं तो केंद्र सरकार उन्हें बांग्लादेश वापस भेजे, जिससे वहां की सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच न सके।
सपा नेत्री समयून खान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अब तक केवल राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रही है, जबकि जमीनी स्तर पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन तेज करेगी।




