बरेली । उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में हम पहले ही चार विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर चुके हैं । महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार में सफलता मिली है और आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में भी कमल खिलने वाला है। 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर से बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी। यह जीत 2017 के चुनाव से बहुत बड़ी होगी।

केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और टीएमसी मतदाता सूची शुद्धिकरण के अभियान से घबराई हुई हैं। ये दल घुसपैठियों को अपना रिश्तेदार मानकर उनका बचाव करना चाहते हैं, और जिन मतदाताओं का स्वर्गवास हो चुका है, उनके नाम पर फर्जी वोट डालकर विधानसभा चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। परंतु उनकी यह मंशा कभी पूरी नहीं होगी, हम सब इसका भरोसा रखते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में संसद में ‘वंदे मातरम’ के 150वें वार्षिक अवसर पर इस राष्ट्रीय गीत पर सार्थक चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्ष का रुख हास्यपूर्ण और अनादरपूर्ण रहा। चाहे कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इन दलों को ‘वंदे मातरम’ से परहेज है, क्योंकि यह गीत देश की आज़ादी और विकास का प्रतीक है। इन्हें केवल वोट बैंक की चिंता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वोट चोरी करने वाली पार्टी कांग्रेस है। कांग्रेस ने सरदार पटेल के नाम पर वोट हासिल किए थे, लेकिन 2015 में इन वोटों को चोरी करके पंडित जवाहरलाल नेहरू को रायबरेली से सांसद बनाया गया। जब चुनाव रद्द हुआ, तब कांग्रेस ने आपातकाल लगा दिया।
यह घटिया राजनीति करने वाले दिन ब दिन कमजोर हो रहे हैं। इनका अस्तित्व समाप्त होने वाला है। सैफई की राजनीति खत्म हो रही है। परिवारवाद की राजनीति खत्म होकर वह दौर आने वाला है, जब सेवा और ईमानदारी को राजनीति में प्राथमिकता मिलेगी। जो जमीन पर कब्जा करेंगे, शराब, नकली माफिया और भू माफिया होंगे, वे राजनीति से बाहर होंगे और उनका वहां जाना तय है जहां उनका होना चाहिए।
जब ‘वंदे मातरम’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही थी, तब राहुल गांधी और अखिलेश यादव संसद में उपस्थित नहीं थे। वे संसदीय नियमों का पालन ठीक से नहीं करते। देश यह सब देख रहा है। इसलिए चाहे कांग्रेस की नाव डूबे, चाहे समाजवादी पार्टी की या राजद की, डूब तो जाएगी।आने वाले समय में जनता की सेवा करने वाले ही राजनीति में टिकेंगे। जो सेवा नहीं करेंगे, उनका राजनीति में भविष्य नहीं होगा।




