मीरगंज (बरेली)
क्या था मामला
उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए अमित मौर्य हत्याकांड को लेकर मीरगंज में आक्रोश चरम पर है। जानकारी के अनुसार, बीते 4 जुलाई को अमित मौर्य के पिता खूबकरन ने उनके लापता होने की शिकायत पुलिस को दी थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में अमित मौर्य आखिरी बार निखिल जोशी के साथ जाते दिखाई दिए। पुलिस ने निखिल जोशी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो अगले ही दिन गड्ढे में अमित मौर्य का क्षत.विक्षत शव बरामद हुआ।
निर्मम हत्या की इस घटना ने पूरे देशभर में आक्रोश फैला दिया। शनिवार को डॉण् भीमराव अंबेडकर भ्रष्टाचार निवारण मिशन के डॉण् सत्येंद्र सिंह, संजय सिंह, सचिन श्रीवास्तव और साक्षी के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने रसूलपुर से हुरहुरी होते हुए मीरगंज तक कैंडल मार्च निकाला। ब्राहम्मण समाज को अपशब्द कहते हुए इस दौरान उत्तराखंड पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और हत्यारोपियों को शीघ्र फांसी की सजा देने की मांग की गई।
इस मामले की जानकारी होने पर तमाम ब्राहम्मण समाज एकजुट हो गया और एक बैठक कर मीरगंज कोतवाली पहुंचे। सीओ मीरगंज और कोतवाली एसओ से मिले। और ब्राहम्मण समाज के प्रति गलत भाषा का प्रयोग करने वालों के खिलाफ पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। इस मामले में सीओ ने मामले की जांच उपरांत आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश कोतवाली मीरगंज पुलिस को दिए हैं। प्रार्थना पत्र देने वालों में अशोक उपाध्याय एड0, लवलेश पाठक, मुनेंद्र शर्मा, पुष्पेंद्र पांडेय, विकास शर्मा, नितिन शर्मा व संजीव शर्मा शामिल रहे।




