खीरगंगा नदी में बाढ़ का रौद्र रूप, सेना और रेस्क्यू टीमें जुटीं राहत कार्य में
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को भारी बारिश के चलते बादल फटने की भयावह घटना सामने आई है। धराली बाजार में खीरगंगा नदी उफान पर आ गई, जिससे 25-30 होटल, दुकानें और कई घर मलबे में बह गए। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 50 से अधिक लोग लापता हैं।
बादल फटने की घटनाएं केवल धराली तक सीमित नहीं रहीं। सुक्खी टॉप और हर्षिल आर्मी कैंप के पास भी बादल फटने की सूचना है, जहां 8-10 सैनिकों के लापता होने की खबर है। हर्षिल हेलीपैड और आर्मी कैंप को भी नुकसान पहुंचा है।
आपदा के तुरंत बाद SDRF, NDRF, सेना और एयरफोर्स की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुट गईं। अब तक 130 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। एम्स ऋषिकेश समेत देहरादून के अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं और एम्बुलेंस घटनास्थल पर भेजी गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्र प्रदेश दौरा बीच में छोड़ देहरादून लौटकर हालात का जायजा लिया और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार ने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने घटना पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली।वहीं संभावना जताई जा रही है कि 25-35 लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। प्रशासन और बचाव टीमें लगातार खोजबीन में जुटी हैं।




