नबी की तालीमात पर अमल से बढ़ेगा भाईचारा, मनाएं ‘वर्ल्ड पीस डे’ के रूप में: मुफ्ती अहसन मियां
बरेली। इस बार ईद मिलादुन्नबी (5 सितंबर 2025) बेहद खास होगी, क्योंकि अल्लाह के आखिरी पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के इस दुनिया में तशरीफ लाने के 1500 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर दरगाह आला हज़रत के सज्जादानशीन और टीटीएस के आलमी सदर मुफ्ती अहसन रज़ा कादरी (अहसन मियां) ने देशभर के मुसलमानों को एक अहम पैग़ाम दिया है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि इस बार मिलादुन्नबी की खुशियों के साथ-साथ समाज में भाईचारा, शांति और मोहब्बत फैलाने का भी काम करें। पैग़ंबर-ए-इस्लाम की तालीमात को अमल में लाकर हर इंसान के लिए मददगार बनें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जश्न को ‘वर्ल्ड पीस डे’ के रूप में मनाएं, जिसमें फूल, मिठाई बांटकर पैग़ंबर की सीरत को हर वर्ग तक पहुंचाएं।
मुफ्ती अहसन मियां ने सेमिनार, निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर और हदीसों के जरिए बच्चों और नई नस्ल तक नबी की तालीमात पहुंचाने की अपील की। साथ ही पौधारोपण, सफाई अभियान, हेल्थ कैंप, गरीबों को खाना व राशन वितरण जैसे कार्य करने को कहा।
उन्होंने कहा कि बरेली में हर साल दो जुलूस निकलते हैं, जिन्हें तयशुदा रूट और प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार शांतिपूर्वक निकालें। जुलूस में इस्लामी पैग़ाम वाले पोस्टर, किताबें, फूल और मिठाइयां बांटी जाएं और अगर रास्ते में कोई अस्पताल या एम्बुलेंस आए तो अदब और खामोशी बरती जाए।
