बरेली। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बरेली पुलिस ने 13 महीने पहले लापता हुई नाबालिग लड़की की हत्या का खुलासा किया है। यह मामला केवल एक किशोरी की हत्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच के दौरान एक पुराने महिला हत्याकांड और पुलिस कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
13 महीने पहले लापता हुई थी किशोरी
क्योलाडिया थाना क्षेत्र के गांव सतवन पट्टी से करीब 13 महीने पहले एक नाबालिग लड़की रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि शुरुआती महीनों में पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बेटी की तलाश में परिवार दर-दर भटकता रहा।

परिजनों पर ही दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब मामले में दबाव बढ़ा, तो जांच को आगे बढ़ाने के बजाय पुलिस ने परिजनों पर ही बेटी की हत्या स्वीकार करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, एक नाबालिग युवक की आत्महत्या के मामले में भी परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने घर की खुदाई करवाई, परिवार के साथ मारपीट की गई और बेटों से बदसलूकी हुई, लेकिन पीड़ित परिवार किसी भी दबाव में नहीं झुका।

हाईकोर्ट पहुंचते ही बदली तस्वीर
लगातार कथित प्रताड़ना से परेशान होकर किशोरी के पिता अजीज अहमद ने अपने अधिवक्ता विकास बाबू के माध्यम से हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जांच की दिशा बदली और पुलिस को ठोस कार्रवाई करनी पड़ी।
हाईकोर्ट ने मामले में एसएसपी अनुराग आर्य को तलब कर शपथ पत्र मांगा। शपथ पत्र में पुलिस ने एक महिला के कंकाल के अवशेष बरामद होने की जानकारी दी। बाद में कराई गई डीएनए जांच में यह स्पष्ट हो गया कि बरामद अवशेष उसी लापता नाबालिग लड़की के थे।
दो हत्याओं का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में तीन लोगों को छोड़ दिया गया। अंततः पुलिस ने नाबालिग की हत्या के आरोप में सलीम और आसिम उर्फ अमित उर्फ बंगाली डॉक्टर को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि आसिम उर्फ बंगाली डॉक्टर पर वर्ष 2017 में अपनी पत्नी रजनी की हत्या का भी आरोप है। पुलिस अब उस पुराने मामले की भी नए सिरे से जांच कर रही है।
आरोपियों का कबूलनामा
पुलिस पूछताछ में आरोपी सलीम ने बताया कि नाबालिग लड़की उस पर घर से भागने का दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर उसने उसकी हत्या कर दी। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2017 में आसिम की पत्नी रजनी की हत्या में भी सहयोग किया था।
एसपी ग्रामीण का बयान
एसपी ग्रामीण (नॉर्थ) मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि ग्राम सतवन पट्टी निवासी अजीज अहमद की 16 वर्षीय बेटी 8 जनवरी 2025 से लापता थी। सितंबर 2025 में कैलाश नदी किनारे गन्ने के खेत से चोटी, कपड़े और हड्डियां बरामद हुई थीं। डीएनए जांच में पुष्टि हुई कि अवशेष किशोरी के ही थे, जिसका मिलान उसकी मां के सैंपल से हुआ।
कॉल डिटेल से खुला राज
पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो गांव निवासी सलीम हुसैन शक के घेरे में आया। जांच में सामने आया कि वह किशोरी से लगातार संपर्क में था। इसी कड़ी में आसिम उर्फ अमित उर्फ बंगाली डॉक्टर की भूमिका भी उजागर हुई।
युवक की आत्महत्या में पुलिस पर लगे थे गंभीर आरोप
भुता थाना क्षेत्र में 1 मई 2025 को एक अन्य मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे थे। गांव सतवन पट्टी की एक लड़की को भगाने के आरोप में 18 वर्षीय सलमान को हिरासत में लिया गया था। परिजनों का आरोप है कि थाने में चार दिन तक मारपीट के बाद उसे पुलिस वाले घर छोड़े गए थे बाद में सलमान ने घर आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे।



