शेरा और सूरज की दुकान : कोविड पर भूख भारी , घर वालों की भूख मिटाने के लिए मासूम  रोजी रोटी के लिए निकले 

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भीम मनोहर 


बरेली | सरकार ने कोविड का प्रकोप देखते हुए लॉकडाउन लगा दिया है | इसके बावजूद कुछ लोग चोरी छिपे रोजी रोटी कमाने के मकसद से घर से निकल रहे है | कुछ लोग पुलिस की आँखों में चढ़ जाते है तो उन्हें वापस कर दिया जाता है | लेकिन कुछ के हालात और मासूमियत ऐसी होती है | पुलिसकर्मी चाहकर भी नहीं रोक पाते | ऐसा ही नजारा रविवार सुबह इज्जतनगर क्षेत्र की एक कॉलोनी देखने को मिला जहां दो मासूम सुबह 8 बजे ककड़ी  का ठेला लेकर पहुंच गए और आवाज लगाकर ककड़ी बेचने लगे | मासूम की मासूमियत देखते हुए लोग बच्चों से ककड़ी खरीदने लगे | लेकिन मासूम कम उम्र के होने के बाद भी एक एक्सपर्ट दुकानदार की तरह कम दामों में ककड़ी बेचने को तैयार नहीं | बच्चों का कहना था वह ककड़ी 40 रूपए से कम दामों में नहीं बेचयेंगे | हाँ यह जरूर है दो किलो ककड़ी खरीदते है तो वह किलो पर 10 रूपए कम ले सकते है क्योंकि उन्हें अपने घर पर हिसाब देना है |बच्चों से हमारे संवाददाता से पूछा क्या नाम है कहां रहते हो ,तो दोनों बच्चों का जवाब था कि वह दोनों भाई है एक का नाम सूरज और दूसरे का नाम शेरा है | वह कर्मचारी नगर क्षेत्र में रहते है | क्या पुलिस ने लॉकडाउन में रोका नहीं तो जवाब मिला , नहीं रोका पुलिस अंकल भी जानते है घर पर कुछ रूपए लेकर नहीं जायेंगे तो परिवार का पेट कैसे भरेगा |बच्चों ने यह भी बताया कि उनके पिता एक नर्सरी पर काम करते है | और वह उन्हें बाहर काम करने से रोकते भी नहीं है | 

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Author: cradmin

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