
कमलेश शर्मा
शाहजहांपुर । अफगानिस्तान में फंसे शाहजहांपुर के रहने वाले जीत बहादुर थापा आज अपने घर पहुंच गए। घर पहुंचने पर पूरे घर में खुशी का माहौल है।उनकी बहन ने कल के बजाय आज रक्षाबंधन मनाया और अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान अपने वतन वापस लौटे जीत बहादुर थापा ने पीएम मोदी, अजीत डोभाल और भारतीय एयरफोर्स का शुक्रिया कहा। वहीं थापा ने बताया कि उन पर वहां क्या गुजरी और तालिबानी बहां फंसे लोगों पर किस तरह अत्यचार कर रहे हैं।काबुल से शाहजहांपुर में अपने घर पहुंचे जीत बहादुर थापा का कहना है कि वह काबुल में एक कंसलटेंसी फैक्टरी में सुपरवाइजर थे। 15 अगस्त के दिन अचानक तालिबानियों ने फैक्टरी पर धावा बोल दिया सभी कर्मचारियों को फैक्ट्री से बाहर निकाल दिया। थापा ने बताया कि किसी तरह वह 30 किलोमीटर पैदल चलकर एयरपोर्ट पहुंचे। जहां पर बमुश्किल वह आर्मी एयरवेज तक पहुंच पाया जिसके बाद इंडियन एयर फोर्स के ग्लोबमास्टर विमान से दुशांबे एयरपोर्ट ले जाया गया। और कल विशेष विमान से उन्हें भारत ले जाया गया। जीत बहादुर थापा का कहना है कि भारत की सरजमी पर उतरते ही उन्होंने सबसे पहले अपनी भारत माता की जमीन को चूमा और सरकार का शुक्रिया कहा। उनकी बहनों ने भी घर पहुंचने पर आज रक्षाबंधन मनाया और अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी। मां ने भी अपने बेटे के सर पर हाथ फेर कर सरकार का शुक्रिया कहा। जीत बहादुर थापा 2 साल पहले काबुल में नौकरी करने गए थे। जीत ने बताया कि अफगानिस्तान में हालात बेहद खराब है। वहीं थापा ने बताया कि उन पर वहां क्या गुजरी और तालिबानी बहां फंसे लोगों पर किस तरह अत्याचार कर रहे हैं। काबुल के आसपास स्थानीय लोग लूटपाट कर रहे हैं। जीत बहादुर थापा के भी दो हजार से ज्यादा डॉलर लूट लिए गए। जीत बहादुर थापा और उनके परिवार ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार है इसीलिये वह सकुशल अपने वतन वापस लौट पाए हैं।
सुनिए जीत बहादुर की कहानी उनके जुबानी




