

*नवग्रहों के सेनापति मंगलऔर सूर्य देव 14 अप्रैल को करेंगे राशि परिवर्तन*
नवग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह 13/14 अप्रैल की मध्यरात्रि 1:16 पर शुक्र की वृषभ राशि में से निकल कर बुध की मिथुन राशि में गोचर करेंगे, और 2 जून तक इसी राशि में रहेंगे। वही सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह सूर्य भी मीन राशि से निकलकर 13/14 अप्रैल की मध्य रात्रि 2:31 से अपनी उच्च मेष राशि में आ जाएंगे ।इससे पूर्व सूर्यदेव मीन राशि मैं एक महीने से गोचर कर रहे थे मीन राशि में जब तक सूर्य रहते हैं वह महीना खरमास के नाम से जाना जाता है इसलिए सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई थी सूर्य का मेष राशि में आते ही खरमास समाप्त हो जाएगा, और मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। दरअसल मेष राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं ऐसे में सूर्य देव अपने मित्र ग्रह की राशि में जाएंगे तो काफी सकारात्मक परिवर्तन होंगे ।
*मंगल ग्रह का राशि परिवर्तन का यह होगा असर*
इस साल यानि 2021 में जहां एक ओर 13 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि शुरु होने के साथ ही हिंदू कलैंडर का संवत बदल जाएगा। वहीं इस बार नवसंवत्सर 2078 का नाम राक्षस रहेगा। जबकि इस 2078 संवत्सर के राजा और मंत्री दोनों ही मंगल होंगे, ऐसे में 13 अप्रैल 2021 से शुरु होने वाले नवसंवत्सर की ठीक पहली ही रात में मंगल मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे और अपने राजा व मंत्री होने का पद संभालते हुए। अपना प्रभाव दिखाना शुरु कर देंगे।
ज्योतिष में मंगल को भूमि पुत्र माना जाता है वहीं ये पराक्रम के भी कारक ग्रह है। ऐसे में कई ज्योतिष के जानकारों का माना है कि इस पूरे वर्ष यानि नवसंवत्सर 2078 में ये अपना प्रभाव दिखाएंगे जिसके चलते भारत को अपनी दूसरे देशों द्वारा कब्जाई हुई भूमि वापस मिलने के संकेत हैं, वहीं इस दौरान भारतीय सेना के पराक्रम का इस दुनिया में कोई सानी नहीं मिलेगा। लेकिन इसके अलावा मंगल के प्रभाव से देश दुनिया को आगजनी, भूकंप, जनविद्रोह और कुछ जगह रक्तपात जैसी गंभीर स्थितियों से भी दो चार होना पड़ सकता है।
ज्योतिषाचार्य मुकेश मिश्रा




