
कमलेश शर्मा
उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर में खेली जाने वाली होली अपने आप में अलग तरीके की होली है | यहां लाट साहब का जुलूस बड़ी शान सौकत से साथ निकाला जाता है | बैसे तो रंगां का त्यौहार होली और उसे मनाने के तरीके पूरे देश में अगल अलग है। यहां कही फूलों से होली खेली जाती है तो कही लाठीमार होली खेली जाती है लेकिन शाहजहांपुर में होली खेलने की परम्परा सबसे अनूठी है। यहां जूते मार कर होली खेली जाती है। यह जूतेमार होली अंग्रेजी के प्रति अपना आक्रोश प्रकट करने के लिए फिरंगियों का एक प्रतीक लाट साहब मानकर उसे जूते से पीटा जाता है जिसे लाट साहब के जुलूस के नाम से भी जाना जाता है | संवेदनशील माने जाने वाले लाट साहब के जुलूस में पुलिस बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। शाहजहांपुर में हुड़दंगियों का बड़ा रेला लाट साहब के जुलूस में दिखाई देता है और भैंसा गाड़ी पर बैठाकर जिस व्यक्ति को जूते से पीटा जाता है उस व्यक्ति को आज लाट साहब कहा जाता है। यहां लाट साहब का जुलूस निकालने की परम्परा बरसों पुरानी है। कहा जाता है कि अंग्रेजो ने जो जुल्म हिन्दुस्तानियो पर किये है वह आज भी हर किसी के दिल में मौजूद है। यहां के लोग अंग्रेजों के प्रति अपना दर्द और आक्रोश बेहद अनूठे ढंग से प्रदर्शित करते है। लाट साहब के जुलूस में अंग्रेज के रूप में एक व्यक्ति को भैंसा गाड़ी पर बिठाते हैं और उसे जूते और झाड़ू से पीटते हुए पूरे शहर में घुमाया जाता है। यहां खास बात यह होली है लाट साहब के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं होता है | जब यह जुलूस रोड पर आता है तो लाट साहब को एक पन्नी की चादर ढक दिया जाता है | इस जुलूस में हजारों की संख्या में हुड़दंगी जमकर हुड़दंग मचाते है। यहां हर कोई लाट साहब के सिर पर जूता मारकर अनोखी परम्परा में शामिल होना चाहता है | लाट साहब के सबसे बड़े जुलूस शहर में दो स्थानों से निकाला जाता है पहला बड़े चौक से और दूसरा सराय कईया से जिसमें हुड़दंगी हर साल कोई न कोई वलवा जरूर खड़ा कर देते हैं। यह हुड़दंगी अंग्रेजों के लिए तो गन्दी गन्दी फब्तियां कसते ही है साथ ही जुलूस में मौजूद किसी भी शख्स पर फब्तियां कसते| देश में सरेआम किसी को भी पीटना गैर कानूनी होता है लेकिन यहां किसी को जूतों और झाड़ू से पीटने का यह पूरा खेल पुलिस की निगरानी में ही होता है। इसी के चलते इस बार शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाता है ताकि होली शान्ति पूर्ण ढंग से निपट जाये।
जानिए कहा का युवक बनेगा लाट साहब
होली के मौके पर शाजहांपुर के लोगो के सामने समस्या होती है कि लाट साहब किसे बनाया जाये | इसके लिए काफी समय पहले तलाश की जाती है और लाट साहब बनने वाले शख्स की शर्ते मानी जाती है उसके बाद होली के दिन लाट साहब का जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला जाता है | इस बार मुरादाबाद से आया शख्स लाट साहब बनेगा |




